मास्टरबैच प्लास्टिक के रंग (pigment) या एडिटिव का एक कंसंट्रेटेड मिश्रण होता है, जो एक carrier resin में मिलाकर दानों (granules) के रूप में बनाया जाता है। प्रोसेसिंग के समय इसे थोड़ी मात्रा में natural plastic के साथ मिलाया जाता है, जिससे तैयार प्रोडक्ट में रंग या ज़रूरी गुण आ जाते हैं।
आसान भाषा में – यह प्लास्टिक के लिए रंग का “concentrate” है। जैसे शरबत का concentrate पानी में मिलाया जाता है, वैसे ही मास्टरबैच का दाना natural दाने के साथ मशीन में डाला जाता है।
मास्टरबैच की ज़रूरत क्यों पड़ती है?
सवाल वाजिब है – सीधे pigment powder ही क्यों न मिला दें?
क्योंकि प्लांट में pigment powder संभालना बहुत मुश्किल है।
- Powder उड़ता है, पूरी मशीन और फैक्ट्री गंदी करता है
- सही मात्रा में तौलना और डालना कठिन है
- सबसे बड़ी बात – powder प्लास्टिक में ठीक से घुलता-मिलता नहीं है
Pigment के कण आपस में चिपके रहते हैं (agglomerates)। ये गुठलियाँ पिघले हुए प्लास्टिक में भी नहीं टूटतीं और तैयार माल में काले या रंगीन दाग, धारियाँ (streaks) और shade का फर्क बनकर दिखती हैं। पतली film में तो ये सीधे छेद या फटने की वजह बन जाती हैं।
मास्टरबैच यही मुश्किल काम पहले ही कर देता है। Masterbatch बनाने वाली फैक्ट्री में twin-screw extruder पर, पूरी quality checking के साथ, pigment को अच्छी तरह तोड़कर polymer में बराबर फैलाया जाता है।
इसलिए मास्टरबैच खरीदते समय आप सिर्फ़ रंग नहीं, बल्कि “dispersion” यानी उस मेहनत को खरीद रहे हैं।
मास्टरबैच में क्या-क्या होता है?
तीन चीज़ें:
1. Pigment या Additive – असली काम करने वाली चीज़। रंग के लिए pigment, और UV protection, anti-block, slip, antistatic जैसे गुणों के लिए additive।
2. Carrier Resin – वह polymer जिसमें pigment को फैलाया गया है। यही वह हिस्सा है जिस पर खरीदार सबसे कम ध्यान देते हैं और जो सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
3. Dispersing Agents और Wax – जो pigment को अच्छी तरह wet करके polymer में फैलाने में मदद करते हैं।
Carrier resin इतना ज़रूरी क्यों है?
Carrier आपके प्लास्टिक में घुल-मिल जाना चाहिए। अगर carrier आपके polymer से मेल नहीं खाता, तो वह अलग गुठली की तरह रह जाता है – film में यह fish-eye बनकर साफ़ दिखता है और वहाँ film कमज़ोर हो जाती है।
दो साधारण नियम:
- PE के लिए PE carrier, PP के लिए PP carrier। PP carrier वाला मास्टरबैच PE film में डालेंगे तो gel और fish-eye आना तय है, क्योंकि PP और PE आपस में मिलते ही नहीं।
- Carrier का MFI आपके resin के बराबर या उससे ज़्यादा होना चाहिए। जो carrier जल्दी बहता है, वह आसानी से फैलता है। सख्त carrier फैलता नहीं और गुठली बनकर रह जाता है।
Supplier से हमेशा पूछें – carrier कौन-सा polymer है और उसका MFI कितना है? यह हर सही technical data sheet पर लिखा होता है।
मास्टरबैच के प्रकार
| प्रकार | काम | कहाँ इस्तेमाल होता है |
| Colour Masterbatch | रंग देना | हर तरह के प्लास्टिक प्रोडक्ट |
| Black Masterbatch | काला रंग + UV से बचाव | पाइप, केबल, mulch film, tank |
| White Masterbatch | सफ़ेद रंग + opacity | पैकेजिंग film, बोतल, घरेलू सामान |
| Additive Masterbatch | गुण जोड़ना – UV, anti-block, slip, antistatic | खेती की film, बोरी, पैकेजिंग |
| Filler Masterbatch | लागत घटाना, stiffness बढ़ाना | बोरी, बैग, मोटे प्रोडक्ट |
डोज़ेज और Let-Down Ratio (LDR)
Dosage का मतलब है कुल mix में मास्टरबैच का प्रतिशत। 3% dosage यानी हर 100 किलो माल में 3 किलो मास्टरबैच।
Let-Down Ratio वही बात अनुपात में – 1 भाग मास्टरबैच और N भाग natural दाना।
LDR = (100 ÷ dosage%) − 1
3% पर: 100 ÷ 3 = 33.3, माइनस 1 = 1 : 32.3
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं
यह गलती सबसे आम है और सबसे महँगी पड़ती है।
मान लीजिए spec में लिखा है कि प्रोडक्ट में 2.5% carbon black होना चाहिए। ऑपरेटर मशीन पर 2.5% सेट कर देता है।
यह गलत है। मास्टरबैच पूरा carbon black नहीं है। अगर मास्टरबैच में 40% carbon black है, तो 2.5% मास्टरबैच डालने से प्रोडक्ट में सिर्फ़ 1% carbon black जाएगा – spec से बहुत कम।
सही मास्टरबैच dosage% = (प्रोडक्ट में चाहिए वह % ÷ मास्टरबैच में pigment का %) × 100
यानी: (2.5 ÷ 40) × 100 = 6.25% dosage
यह हिसाब हाथ से करने के बजाय हमारा let-down ratio calculator इस्तेमाल करें।
सामान्य dosage
| इस्तेमाल | आम dosage |
| Colour masterbatch, सामान्य प्रोडक्ट | 1 – 4% |
| गहरे या मुश्किल shade | 4 – 8% |
| Black masterbatch, सामान्य | 1 – 3% |
| Black masterbatch, बाहर धूप में (पाइप, tank) | 5 – 8% |
| White masterbatch | 2 – 10% |
| UV masterbatch, खेती की film | 2 – 7% |
| Filler masterbatch | 10 – 30% |
कीमत की तुलना सही तरीके से करें
यह बात ज़्यादातर खरीदार चूक जाते हैं।
मास्टरबैच की प्रति किलो कीमत मायने नहीं रखती। मायने रखता है तैयार माल की प्रति किलो लागत।
जुड़ने वाली लागत प्रति किलो = मास्टरबैच का भाव × dosage%
- ₹180/किलो वाला मास्टरबैच, 2% dosage पर = ₹3.60 प्रति किलो
- ₹120/किलो वाला मास्टरबैच, 4% dosage पर = ₹4.80 प्रति किलो
सस्ता दिखने वाला मास्टरबैच असल में 25% महँगा पड़ रहा है।
इसलिए हर quotation के साथ recommended dosage ज़रूर माँगें, और तुलना cost-in-use पर करें, भाव पर नहीं।
अच्छा सप्लायर कैसे चुनें – 5 सवाल
- Carrier resin कौन-सा है और उसका MFI क्या है?
- Pigment/additive की loading कितने प्रतिशत है?
- मेरी thickness और मेरे process के लिए recommended dosage क्या है?
- Filter Pressure Value (FPV) कितना है? – यह dispersion की quality का असली, नापा हुआ सबूत है। जो supplier यह नंबर दे सकता है, उसके पास सही quality system है।
- Batch-to-batch shade tolerance (ΔE) कितना रखेंगे?
इन पाँच सवालों के सीधे जवाब न मिलें, तो भाव कितना भी अच्छा हो, आगे बढ़ने से पहले सोचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मास्टरबैच का मतलब क्या है? मास्टरबैच प्लास्टिक के pigment या additive का कंसंट्रेटेड मिश्रण है, जो carrier resin में मिलाकर दानों के रूप में बनता है और प्रोसेसिंग के समय natural प्लास्टिक में थोड़ी मात्रा में मिलाया जाता है।
मास्टरबैच कितना डालना चाहिए? आमतौर पर 1% से 4%, पर यह shade, thickness और प्रोडक्ट पर निर्भर करता है। गहरे रंग, ज़्यादा opacity वाले सफ़ेद और बाहर धूप में रहने वाले प्रोडक्ट में 5% से 8% तक लगता है।
Masterbatch और compound में क्या फ़र्क़ है? मास्टरबैच कंसंट्रेटेड होता है और उसे natural दाने के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। Compound पहले से पूरा तैयार माल होता है जिसे सीधे मशीन में डाला जाता है – उसमें कुछ मिलाना नहीं पड़ता।
रंग हल्का क्यों आ रहा है जबकि dosage सही है? सबसे आम वजह यह है कि dosage को pigment के प्रतिशत के बराबर सेट कर दिया गया। मास्टरबैच में pigment की loading से भाग देना ज़रूरी है। दूसरी वजहें – volumetric feeder का सही न होना, और shade जिस thickness पर match हुआ था उससे पतला प्रोडक्ट बनाना।
Carrier resin क्यों मायने रखता है? क्योंकि carrier आपके प्लास्टिक में पूरी तरह घुलना चाहिए। गलत carrier film में fish-eye और gel बनाता है और वहाँ माल कमज़ोर हो जाता है। PE के लिए PE carrier और PP के लिए PP carrier लें।
Filler masterbatch और colour masterbatch में क्या अंतर है? Colour masterbatch रंग देता है। Filler masterbatch में calcium carbonate जैसा भराव होता है जो लागत घटाता है और stiffness बढ़ाता है – उसका काम रंग देना नहीं है।
FPV क्या होता है? Filter Pressure Value – मास्टरबैच को बारीक जाली से निकालकर pressure बढ़ने की माप। कम FPV का मतलब है pigment पूरी तरह फैला हुआ और माल साफ़ है। यह dispersion quality का सबसे भरोसेमंद नंबर है।
